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Please don't touch me

आर्या कॉलेज से बाहर चली गई थी। आर्या की आँखें अभी भी लाल थीं। आर्या ने कसके अपनी मुट्ठी को बंद किया हुआ था।

आर्या के आँसू उसके गालों पर थे। आर्या ने अपने आँसू पोंछ लिए।

आर्या ने अपने बैग पर अपनी पकड़ कस ली थी। वह ड्राइवर के आने का इंतज़ार कर रही थी, लेकिन अचानक ही एक कार उसके सामने आकर रुकी।

 आर्या कुछ रिएक्ट करती उससे पहले ही कार का दरवाज़ा खुला और किसी ने आर्या को जबरदस्ती कार के अंदर खींच लिया।

 कार अगले ही पल वहाँ से गायब हो चुकी थी। आर्या को जब होश आया तो उसने देखा वह किडनैप हो चुकी है।

 आर्या अपनी घबराहट को रोकती है और गुस्से से कहती है, "कौन हो तुम लोग? छोड़ो मुझे! तुम्हें पता नहीं है मैं कौन हूँ? छोड़ो मुझे, वरना तुम सब ज़िंदा नहीं बचोगे।"

जिस आदमी ने आर्या को अंदर खींचा था उसने आर्या को ऊपर से नीचे तक देखते हुए कहा, "अरे, ऐसे कैसे छोड़ दें? कितने वक्त से हमारी नज़र तुम्हारे ऊपर थी। इतनी आसानी से तुम्हें जाने नहीं देंगे।" इतना कहते ही उस आदमी ने आर्या को गंदी नज़रों से देखना शुरू किया।

 आर्या गुस्से से बोली, "छोड़ो मुझे! अगर मेरे डैडी को पता चल गया कि तुम लोगों ने मुझे किडनैप किया है तो वह तुम्हें ज़िंदा नहीं छोड़ेंगे।" 

वह आदमी हँसते हुए बोला, "जब तक तुम्हारे डैडी को तुम्हारे बारे में पता चलेगा तब तक हम तुम्हारे जिस्म से खेल चुके होंगे।"

 ऐसी बातें सुनकर आर्या और भी ज़्यादा घबरा जाती है। वह अपने होंठों को दाँतों के नीचे दबा लेती है। 

उसकी लाल आँखों को देखकर सामने बैठे इंसान ने बहुत ही प्यार से कहा, "अरे बेबी डॉल, इतना घबराओ मत। बस हम जो कहते हैं वही करो। तुम्हें ज़्यादा दर्द नहीं होगा। फिर हम तुम्हें प्यार से घर छोड़ देंगे।" 

आर्या उन लोगों को देखते हुए अपने मन में बोली, "मैं इस तरीके से घबरा नहीं सकती हूँ। मुझे खुद की घबराहट को रोकना होगा और शांत दिमाग से काम लेना होगा तभी मैं भाग पाऊँगी।" इतना सोचते ही वह अपने सर को नीचे कर लेती है। 

उन लोगों को लगा कि आर्या डर कर चुप हो गई है तो सभी और भी ज़्यादा खुश हो गए। 

आर्या खुद को शांत करते हुए बोली, "क्या किसी ने तुम्हें मुझे किडनैप करने के लिए पैसे दिए हैं?"

 सामने बैठे इंसान ने मुस्कुरा कर कहा, "तुम बहुत समझदार हो, पर चिंता मत करो। उन लोगों ने तुम्हें मरने के पैसे नहीं दिए हैं। बस तुम्हारे साथ थोड़ा मस्ती करने के पैसे दिए हैं।" 

आर्या इनोसेंट सा चेहरा बनाकर बोली, "क्या होगा अगर मैं तुम लोगों को उससे ज़्यादा पैसे दूँ?" 

बगल में बैठे आदमी ने अपने कंधे ऊपर करके कहा, "पहले तो हमने सोचा था हम तुमसे ज़्यादा पैसे लेकर तुम्हें छोड़ देंगे, मगर तुम्हारे जैसी खूबसूरत इंसान को देखने के बाद हमारा इरादा बदल गया है। अब हम तुम्हें चखना चाहते हैं।"

उस आदमी के हाथ आर्या की कमर पर चल रहे थे। आर्या को बहुत ही गंदा लग रहा था। 

उसने तुरंत उस आदमी के हाथ को हटाते हुए गुस्से से कहा, "मुझे छुओ मत।" कहते ही वह एकदम किनारे बैठ गई। 

उस आदमी ने अपनी बंदूक निकालकर गुस्से से कहा, "अगर ज़्यादा चलाकी दिखाई तो यहीं पर मार डालूँगा।"

 आर्या घबरा कर चुप हो गई, मगर वह मन ही मन भागने की प्लानिंग कर रही थी। कुछ देर बाद कार एक सुनसान जगह पर रुकी।

आर्या ने अपने होंठों को दबा लिया। उसका शरीर थोड़ा सा काँप रहा था।

वह गुंडे आर्या को जबरदस्ती कार से बाहर निकालते हैं। आर्या ने आसपास देखा तो उसकी आँखों में और भी ज़्यादा घबराहट दिखने लगी। 

उसके पीछे खड़े आदमी ने आर्या के कंधे को बड़े ही गंदे तरीके से सहलाते हुए कहा, "बेबी डॉल, क्या हुआ? डर लग रहा है तुम्हें? डरना चाहिए। चलो, हमारे साथी अंदर इंतज़ार कर रहे हैं। वह भी तुम्हारी जैसी बेबी डॉल को देखकर खुश हो जाएँगे। आज रात और भी ज़्यादा मज़ा आएगा। तुम्हारी कोमल आवाज़ रात भर सुनने को मिलेगी और तुम्हारा यह कोमल शरीर रात भर हमारे नीचे बिस्तर पर दबा रहेगा। मैं तो सोच कर ही पागल हो रहा हूँ।"

 आर्या ऐसे गंदे शब्द सुनकर नफरत से भर गई थी। वह दाँत पीसते हुए अपने मन में बोली, "मुझे जल्दी ही भागने का कोई तरीका सोचना होगा। एक बार डैडी आ गए तो मैं तुम लोगों को छोड़ेगी नहीं।" 

आर्या थोड़ी सी परेशान थी क्योंकि उसे नहीं लग रहा था कि वह यहाँ से भाग पाएगी।

वह आदमी जबरदस्ती आर्या को लेकर अंदर जाना चाहता है।

आर्या ने देखा यह एक कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग थी जो पूरी तरीके से बनी नहीं थी। 

अंदर पहुँचते ही उसने देखा हर तरफ लोग खड़े हैं जैसे पहरा दे रहे हों। वह लोग दूसरे फ्लोर पर पहुँच गए थे। वह गुंडा आर्या को एक रूम में लेकर गया।

 आर्या ने देखा उस रूम में पाँच शराब की बोतलें रखी हैं। वहाँ पर दो आदमी भी मौजूद थे जो चेयर पर बैठे हुए थे। 

दोनों बहुत ही खतरनाक लग रहे थे। आर्या के पीछे खड़े आदमी ने अपनी बंदूक की नोक को आर्या की पीठ पर रखते हुए कहा, "जानेमन, जल्दी चलो।"

 वह लोग जबरदस्ती आर्या को रूम के पीछे खड़ा कर देते हैं। आर्या और भी ज़्यादा घबरा जाती है जब उसने वहाँ पर कैमरा देखा। उसने हकलाते हुए पूछा, "तुम लोग... तुम लोग क्या करने वाले हो?" किसी ने उसके सवाल का जवाब नहीं दिया।

आर्या के माथे से पसीना निकलने लगा था। दो आदमियों ने मिलकर जबरदस्ती आर्या के हाथ और पैर को वहीं लगे पिलर से बाँध दिया। 

चेयर पर बैठे आदमी ने सिगरेट को पीते हुए बहुत ही खतरनाक अंदाज़ में आर्या को देखकर कहा, "तस्वीर में तो यह खूबसूरत लग रही थी, मगर असल में और भी ज़्यादा खूबसूरत है। पर अफ़सोस..."

 उसने जानबूझकर अपनी बात को अधूरा छोड़ दिया। आर्या का दिल डूबा जा रहा था। वह अपने मन में बोली, "डैडी, आप कहाँ हैं? अब तक आपको ज़रूर मेरे गायब होने की खबर मिल गई होगी। आप जल्दी आ जाइए।"

 आर्या इतना ज़्यादा डर गई थी कि अब वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रही थी। उसका दिल बहुत ही ज़ोर से धड़क रहा था। उसका पूरा शरीर काँप रहा था।

आर्या अपने आँसू को रोकते हुए बोली, "मुझे छोड़ दो। तुम्हें जितना पैसा चाहिए मैं तुम्हें दे सकती हूँ। मुझे जाने दो। मैं डैडी को नहीं बताऊँगी कि तुम लोगों ने मुझे किडनैप किया था।" 

चेयर पर बैठे आदमी ने खतरनाक अंदाज़ में अपनी गर्दन पर हाथ फेरा। जब उसने अपने कॉलर को थोड़ा नीचे किया तो उसके गर्दन पर बना ड्रैगन का टैटू दिखने लगा, जो उसे और भी ज़्यादा डरावना बना रहा था।

 वह आदमी अजीब तरीके से मुस्कुरा कर बोला, "ऐसे कैसे जाने दूँ, डार्लिंग? तुम्हें पता है तुम्हारी ऐसी हालत का ज़िम्मेदार हम लोग नहीं, तुम्हारे डैडी हैं। क्या ज़रूरत है उन्हें लोगों के काम में अपनी टाँग अड़ाने की? तुम्हारे डैडी की गलती की सज़ा अब तुम्हें मिलेगी।" 

वह आदमी अपनी जगह पर खड़ा हो गया और धीरे-धीरे आर्या की तरफ चलने लगा।

वह आदमी आर्या के बिल्कुल करीब पहुँचकर उसके होंठों को मसलता है, फिर उसके गालों को किस करते हुए बोला, "तुम्हारी खुशबू मदहोश कर देने वाली है। तुम्हें देखकर मेरा दिल मचलने लगा है।" 

आर्या रोते हुए बोली, "छोड़ो मुझे! दूर रहो मुझसे!" 

मगर वह आदमी उसकी बात को इग्नोर करते हुए डेविल स्माइल करके बोला, "कैमरा ऑन करो! याद रखना, एक-एक हरकत रिकॉर्ड होनी चाहिए।" 

आर्या और भी ज़्यादा डर गई। वह चिल्लाते हुए बोली, "छोड़ो मुझे! क्या तुम पागल हो गए हो?"

 दो आदमियों ने दो अलग-अलग कैमरे अलग-अलग डायरेक्शन में रख दिए। आर्या ने देखा सब कुछ रिकॉर्ड हो रहा है तो उसके आँसू और भी तेज़ी से बहने लगे।

आर्या के सामने खड़े आदमी ने आर्या के कान के पास जाकर धीमी मगर गहरी आवाज़ में कहा, "जितना रोगी, उतना तुम्हें तकलीफ होगी। बेहतर होगा जैसा हम कहते हैं वैसा करो। तुम्हें बस बारी-बारी से हम सबको खुश करना है। फिर हम तुम्हें छोड़ देंगे।" 

आर्या गुस्से से बोली, "छोड़ो मुझे! अगर मेरे डैडी आ गए तो तुम लोग ज़िंदा नहीं बचोगे।" 

उस गुंडे ने गुस्से से आर्या के गालों पर थप्पड़ मार दिया। आर्या के गोरे गालों पर उँगलियों के निशान साफ देखे जा सकते थे। आर्या को चक्कर आ गया था और वह आधी बेहोशी की हालत में आ गई थी।

 उस आदमी ने एक और थप्पड़ आर्या के गालों पर मार दिया। फिर वह अपनी शर्ट उतार कर फेंक देता है। उसके पीठ पर भी एक डरावना ड्रैगन टैटू बना था।

 वह आदमी अपने हाथ को आर्या के गर्दन पर रखते हुए हँस कर बोला, "जितना रोना है रो लो, जितना गुस्सा करना है कर लो। इसका कोई फायदा नहीं है, बेबी डॉल। बेहतर होगा अपनी एनर्जी सिर्फ हम सब पर लगाओ।" 

उसके बाद वह चिल्ला कर बोला, "अच्छे से वीडियो रिकॉर्ड करो और उसे रघुवीर ओबेरॉय को भेजो। मैं देखना चाहता हूँ अपनी बेटी को इस तरह देखकर उसे कैसा महसूस होता है।"

वह आदमी जबरदस्ती आर्या को किस करने की कोशिश करने लगा।

दूसरी तरफ रघुवीर जी इस वक्त देश से बाहर थे। वह इस वक्त एक मीटिंग में बिजी थे। उसी वक्त उनका फोन बजा। रघुवीर जी ने देखा यह आर्या के ड्राइवर का नंबर है।

 उन्होंने तुरंत कॉल रिसीव किया तो दूसरी तरफ से एक डरी हुई आवाज़ आई, "बॉस! बॉस! आर्या बेबी गायब हो गई! सीसीटीवी फुटेज से पता चला है किसी ने उनका किडनैप कर लिया है। हम उनकी लोकेशन को ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं मगर कुछ भी पता नहीं चल रहा है।"

 यह सुनते ही रघुवीर जी की आँखें गुस्से से लाल हो गईं। उन्होंने सामने रखी टेबल पर ज़ोर से हाथ मारते हुए चिल्ला कर कहा, "अगर मेरी बेटी को एक खरोंच भी आई तुम्हें, तो मैं तुम सबको मौत के घाट उतार दूँगा। आधे घंटे के अंदर मुझे मेरी बेटी से बात करना है!" इतना कहते ही वह गुस्से से अपने फोन को फेंकते हैं। 

अपने बगल में खड़े असिस्टें

ट से बोले, "इंडिया के लिए फ्लाइट बुक करो।"

 रघुवीर जी खड़े हो गए तभी असिस्टेंट ने कहा, "लेकिन सर, मीटिंग..." 

रघुवीर जी गुस्से से बोले, "मेरी बेटी से ज़्यादा मेरे लिए कुछ भी इंपॉर्टेंट नहीं है।" कहते ही वह बिना आसपास के लोगों पर ध्यान दिए बाहर चले गए।

मगर उस मीटिंग में एक आदमी मौजूद था जिसके होंठों पर शैतानी मुस्कुराहट थी।

कंटिन्यू,,

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